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Shardiya Navratri 2025: किस दिन से शुरू होगा आश्विन का महीना? नोट करें प्रमुख व्रत-त्योहार की सही डेट_我的网站

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一 |     धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में आश्विन महीने का खास महत्व है। इस माह के कृष्ण पक्ष में पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किया जाता है। पितृ पक्ष का समापन सर्वपितृ अमावस्या के दिन होता है। आसान शब्दों में कहें तो आश्विन अमावस्या के दिन पितृपक्ष समाप्त होता है।, पितृ पक्ष के अगले दिन से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होती है। शारदीय नवरात्र का त्योहार आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक मनाया जाता है। इसके अगले दिन दशहरा मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त नवरात्र का व्रत रखा जाता है। आइए जानते हैं कि किस दिन से आश्विन महीने की शुरुआत हो रही है?,वैदिक पंचांग के अनुसार, 07 सितंबर को भाद्रपद पूर्णिमा है। इसके अगले दिन से आश्विन महीने की शुरुआत होगी। आसान शब्दों में कहें तो 08 सितंबर से आश्विन महीना शुरू होगा। आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि से पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है। इसके लिए पितृ पक्ष की शुरुआत भी 08 सितंबर से होगी।,पितृ पक्ष 08 सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक है। इस दौरान रोजाना पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाएगा। वहीं, 21 सितंबर को सर्वपितृ तर्पण किया जाएगा। पितृ पक्ष के दौरान पितरों का तर्पण और पिंडदान करने से साधक पर पूर्वजों की कृपा बरसती है। ,इस साल 22 सितंबर से शारदीय नवरात्र की शुरुआत हो रही है। वहीं, 02 अक्टूबर को विजयादशमी है। आसान शब्दों में कहें तो 22 सितंबर से लेकर 01 अक्टूबर तक शारदीय नवरात्र है। इसके अगले दिन दशहरा मनाया जाएगा। शारदीय नवरात्र के दौरान जगत की देवी मां दुर्गा की पूजा की जाती है।,आश्विन माह में इंदिरा और पापाकुंशा एकादशी मनाई जाती है। इस साल 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी मनाई जाएगी। वहीं, 02 अक्टूबर को दशहरा और पापाकुंशा एकादशी है। इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। साथ ही लक्ष्मी नारायण जी के निमित्त व्रत रखा जाएगा।   ,यह भी पढ़ें- Shardiya Navratri 2025: पितृ पक्ष से लेकर शारदीय नवरात्र तक, सितंबर महीने में मनाए जाएंगे ये व्रत-त्योहार यह भी पढ़ें- Pitru Paksha 2025: 6 या 7 कब है पितृ पक्ष? एक क्लिक में जानिए सभी जरूरी बातें अस्वीकरण: ''इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है''।

二 |     00后大学生网络行为呈现圈层化、娱乐化、碎片化特征,而传统思政话语面临表达生硬、传播低效、供需错位等困境。

三 | 本研究立足省高校辅导员一线视角,基于6所本科院校874份有效问卷及日常观察数据,梳理大学生网络行为画像,剖析思政话语短板,提出创新策略与传播路径优化建议。    调研基础:省高校大学生网络行为画像数据与群体特征调研覆盖大一至大四学生,数据显示:日均上网时长3.41小时,26.3%日均上网超4小时;休闲娱乐占上网总时长79.5%,专业学习与时政浏览仅占20.5%。平台方面,抖音、快手渗透率96.8%,微信、QQ为社交核心,知乎、小红书兴趣圈层活跃度62.4%。信息辨别层面,47.8%遇热点不核实信息来源,72.1%更信短视频博主或同龄网友。聚类分析划分四类画像:娱乐流量型,以短视频、游戏、追星为主,抵触长篇理论,最难触达;求知务实型,偏好知乎、B站获取技能与政策信息,愿读简洁干货,为重点培育群体;情绪敏感型,频繁倾诉学业、人际、就业焦虑,易被负面情绪裹挟,需情感疏导;传统正向型,主动参与时政与校园思政活动,可发展为朋辈意见领袖。依托网络行为画像创新高校思政工作话语体系一是分层打造适配话语。

四 | 面向娱乐流量型,以短视频、情景剧拆解理论,化宏大叙事为日常故事;面向求知务实型,围绕考研、就业推出问答式、解读式干货;面向情绪敏感型,以倾听、陪伴语态开设线上树洞,柔性引导学业与人际困扰;面向正向型,搭建朋辈引领平台,鼓励学生原创内容。

五 | 二是融合本土资源打造在地化话语。深挖太行精神、西柏坡文化及优秀毕业生事迹,用“身边人、身边事”叙事,将家国情怀落脚于返乡就业、志愿服务等真实场景,增强地域温度与现实质感。同时,辅导员常态化扎根班级群与兴趣社群,48小时内回应学生思想困惑,变“说教管控”为“平等交流”,并规范底线,抵制低俗化过度解构。

六 | 基于网络画像的思政话语立体化传播路径一是搭建差异化矩阵。短视频阵地以辅导员个人视频号、班级账号为载体,每周推出短剧、红色科普;社群阵地依托班级群、兴趣群,每日分享轻量化内容并开展话题讨论,对情绪敏感学生私聊引导。

七 | 二是推动线上与线下双向闭环。

八 | 线上发布研学、志愿服务预告,学生参与后分享实践成果,辅导员二次传播,形成“线上发起、线下体验、线上扩散”循环。三是培育辅导员与学生朋辈协同队伍。

九 | 辅导员每周至少3次深入学生网络社群,提升话语转化能力;选拔正向型学生担任朋辈宣传员,覆盖游戏、考研等圈层。数字化时代,网络行为画像为精准思政提供科学依据。面对青年圈层化、多元化特征,高校须以数据驱动话语重构,打造兼具青年亲和力与本土特色的创新体系,依托分层、立体、双向的传播路径,切实提升网络育人实效。(作者 科技大学王雪松、肖云川  本文系2026年省高校思想政治工作研究课题《基于大学生网络行为画像的高校思想政治工作话语体系创新及传播路径研究》课题编号:HBSZKT-2026044)研究成果。

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Published on:18:48:36


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